(N/A) $\Rightarrow$ ग्लोमेरुलर निस्यंद का निर्माण ग्लोमेरुलस में अल्ट्राफिल्ट्रेशन (अति-निस्यंदन) की प्रक्रिया द्वारा होता है। इसमें बड़ी मात्रा में $H_{2}O$,ग्लूकोज,अमीनो एसिड,यूरिया,यूरिक एसिड,क्रिएटिनिन,$Na^{+}$,$K^{+}$,विटामिन और हार्मोन मौजूद होते हैं।
- मूत्र वह अंतिम उत्पाद है जो वृक्क नलिकाओं में चयनात्मक पुनरावशोषण और नलिकाकार स्राव की प्रक्रियाओं के बाद बनता है।
- इन प्रक्रियाओं के दौरान,ग्लूकोज,अमीनो एसिड और पानी तथा इलेक्ट्रोलाइट्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वापस रक्त में अवशोषित कर लिया जाता है,जबकि अमोनिया और हाइड्रोजन आयनों जैसे अतिरिक्त अपशिष्ट पदार्थों को निस्यंद में स्रावित किया जाता है।
- परिणामस्वरूप,मूत्र की संरचना ग्लोमेरुलर निस्यंद से काफी भिन्न होती है,क्योंकि यह अधिक सांद्र होता है और इसमें विशिष्ट चयापचय अपशिष्ट उत्पाद होते हैं।