(N/A) पीने के पानी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक निम्नलिखित हैं:
$(i)$ फ्लोराइड: पीने के पानी में $F^-$ आयन की सांद्रता महत्वपूर्ण है। इसकी कमी ($1 \ ppm$ से कम) दांतों के क्षय का कारण बनती है। इसे $1 \ ppm$ या $1 \ mg \ dm^{-3}$ तक लाने के लिए अक्सर मिलाया जाता है क्योंकि यह हाइड्रॉक्सीपैटाइट,$[3(Ca_3(PO_4)_2) \cdot Ca(OH)_2]$,को कठोर फ्लोरापैटाइट,$[3(Ca_3(PO_4)_2) \cdot CaF_2]$,में बदल देता है। $2 \ ppm$ से अधिक सांद्रता दांतों पर भूरे धब्बे पैदा करती है और $10 \ ppm$ से अधिक सांद्रता हड्डियों और दांतों के लिए हानिकारक है।
$(ii)$ लेड: लेड पाइपों के उपयोग से पानी में लेड का संदूषण होता है। इसकी निर्धारित सीमा $50 \ ppb$ है। लेड किडनी,लिवर और प्रजनन प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है।
$(iii)$ सल्फेट: अत्यधिक सल्फेट $(> 500 \ ppm)$ रेचक प्रभाव पैदा करता है।
$(iv)$ नाइट्रेट: अधिकतम सीमा $50 \ ppm$ है। अधिक नाइट्रेट मेथेमोग्लोबिनेमिया ('ब्लू बेबी' सिंड्रोम) रोग का कारण बन सकता है।
$(v)$ अन्य धातुएं: सामान्य धातुओं के लिए अधिकतम अनुशंसित सांद्रता तालिका में दी गई है।