(N/A) मार्कोवनिकोव नियम के अनुसार,जब एक असममित अभिकर्मक (जैसे $HX$) एक असममित एल्कीन में जुड़ता है,तो जुड़ने वाले अणु का ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।
उदाहरण: प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ में $HBr$ का योग।
जब $HBr$ प्रोपीन के साथ अभिक्रिया करता है,तो दो उत्पाद संभव हैं:
$1$. $CH_3-CH(Br)-CH_3$ ($2$-ब्रोमोप्रोपेन) - मुख्य उत्पाद
$2$. $CH_3-CH_2-CH_2Br$ ($1$-ब्रोमोप्रोपेन) - गौण उत्पाद
मार्कोवनिकोव नियम के अनुसार,$Br^-$ आयन (ऋणात्मक भाग) केंद्रीय कार्बन परमाणु से जुड़ता है (जिसके पास केवल एक $H$ परमाणु है),जिसके परिणामस्वरूप $2$-ब्रोमोप्रोपेन मुख्य उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है। यह अभिक्रिया इलेक्ट्रॉनस्नेही योग अभिक्रिया के माध्यम से होती है।