(N/A) हाइपोथायरायडिज्म: यह स्थिति थायराइड हार्मोन के कम स्राव के कारण होती है। बच्चों में,यह 'क्रिटिनिज्म' (Cretinism) का कारण बनता है,जिसमें शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है,अंग छोटे रह जाते हैं,जीभ बाहर निकली हुई होती है और त्वचा सूखी हो जाती है। वयस्कों में,यह 'मिक्सिडेमा' (Myxedema) का कारण बनता है,जो महिलाओं में अधिक सामान्य है और इसमें चयापचय दर असामान्य हो जाती है और त्वचा खुरदरी और सूखी हो जाती है।
हाइपरथायरायडिज्म: यह स्थिति थायराइड हार्मोन ($T_3$ और $T_4$) के अत्यधिक स्राव के कारण होती है। यह 'ग्रेव्स रोग' (Grave's disease) का कारण बनता है,जिसमें चयापचय दर का बढ़ना,वजन कम होना और घबराहट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वयस्कों में 'एक्सोफ्थैल्मिक गोइटर' (Exophthalmic goitre - आंखों का बाहर निकलना) देखा जाता है। 'टॉक्सिक गोइटर' (प्लमर रोग) थायरोक्सिन के अत्यधिक उत्पादन के कारण होता है।