(N/A) $Li$ और $Mg$ के बीच समानता आवर्त सारणी में विकर्ण संबंध के कारण है, जो उनकी समान आयनिक त्रिज्या और आवेश-से-आकार अनुपात (आयनिक विभव) के कारण उत्पन्न होती है。
$1$. $Li$ और $Mg$ दोनों पानी के साथ धीरे-धीरे प्रतिक्रिया करते हैं। उनके ऑक्साइड और हाइड्रॉक्साइड अन्य क्षार और क्षारीय मृदा धातुओं की तुलना में पानी में बहुत कम घुलनशील होते हैं और उनके हाइड्रॉक्साइड गर्म करने पर विघटित हो जाते हैं。
$2$. दोनों तत्व नाइट्रोजन के साथ सीधे संयोजन द्वारा नाइट्राइड बनाते हैं, यानी $Li_3N$ और $Mg_3N_2$。
कारण: यह समानता मुख्य रूप से उनकी तुलनीय आयनिक त्रिज्या ($Li^+ = 76 \text{ pm}$ और $Mg^{2+} = 72 \text{ pm}$) और समान विद्युत ऋणात्मकता मानों के कारण है, जो समान ध्रुवीकरण शक्ति की ओर ले जाती है。