हाइड्रोजन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर आवर्त सारणी में उसके स्थान का औचित्य सिद्ध कीजिए।

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(N/A) हाइड्रोजन का परमाणु क्रमांक $1$ है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $1s^1$ है।
इस विन्यास के कारण,यह क्षार धातुओं (समूह $1$) और हैलोजन (समूह $17$) दोनों के साथ समानताएं प्रदर्शित करता है।
क्षार धातुओं की तरह,यह एक इलेक्ट्रॉन खोकर $H^+$ बना सकता है,और हैलोजन की तरह,यह एक इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके $H^-$ बना सकता है।
इन दोहरे गुणों के कारण,आवर्त सारणी में इसका स्थान विसंगत माना जाता है और इसे अक्सर अलग रखा जाता है।

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