(N/A) अंगों की अस्थियाँ और उनकी मेखलाएं मिलकर उपांगी कंकाल बनाती हैं।
$(i)$ अग्रपाद (हाथ) - प्रत्येक अंग $30$ अस्थियों से बना होता है।
अग्रपाद की अस्थियाँ:
- ह्यूमरस: $1$
- रेडियस और अल्ना: $2$
- कार्पल्स (कलाई की अस्थियाँ): $8$
- मेटाकार्पल्स (हथेली की अस्थियाँ): $5$
- फैलेन्जेस (अंगुलियों की अस्थियाँ): $14$
कुल = $30$ अस्थियाँ।
(ii) पश्चपाद (पैर) - प्रत्येक अंग में $30$ अस्थियाँ होती हैं।
- फीमर (जांघ की अस्थि): $1$
- पटेला (घुटने की चक्की): $1$
- टिबिया और फिबुला: $2$
- टार्सल्स (टखने की अस्थियाँ): $7$
- मेटाटार्सल्स: $5$
- फैलेन्जेस (अंगुलियों की अस्थियाँ): $14$
कुल = $30$ अस्थियाँ।
फीमर शरीर की सबसे लंबी और मजबूत अस्थि है।
(iii) मेखलाएं: ये अक्षीय कंकाल के साथ ऊपरी और निचले अंगों को जोड़ने में मदद करती हैं।
- अंश मेखला (Pectoral girdle): प्रत्येक आधा भाग एक क्लेविकल और एक स्कैपुला से बना होता है। स्कैपुला एक बड़ी त्रिकोणीय चपटी अस्थि है जो वक्ष के पृष्ठीय भाग में $2$ से $7$ पसलियों के बीच स्थित होती है। इसमें एक उभार होता है जो एक्रोमियन नामक चपटे प्रवर्ध के रूप में निकलता है। एक्रोमियन के नीचे एक गड्ढा होता है जिसे ग्लेनोइड गुहा कहते हैं,जो ह्यूमरस के सिर के साथ जुड़ती है। क्लेविकल दो वक्रों वाली एक लंबी और पतली अस्थि है,जिसे आमतौर पर कॉलर बोन कहा जाता है।
- श्रोणि मेखला (Pelvic girdle): दो कॉक्सल अस्थियों से बनी होती है। प्रत्येक कॉक्सल अस्थि तीन अस्थियों - इलियम,इश्चियम और प्यूबिस के संलयन से बनती है। इन अस्थियों के जुड़ने के स्थान पर एक गुहा होती है जिसे एसीटैबुलम कहते हैं,जिसमें जांघ की अस्थि (फीमर) जुड़ती है। श्रोणि मेखला के दोनों भाग उदर की ओर मिलकर प्यूबिक सिम्फिसिस बनाते हैं,जिसमें रेशेदार उपास्थि होती है।