(N/A) $\Rightarrow$ अवशोषण में जड़ों का महत्व: पौधे में जाने वाला अधिकांश जल जड़ों द्वारा अवशोषित किया जाता है। जल और खनिजों के अवशोषण की जिम्मेदारी विशेष रूप से मूलरोम (root hairs) का कार्य है।
$\Rightarrow$ मूलरोम जड़ों के सिरों पर मौजूद होते हैं। मूलरोम जड़ की बाह्यत्वचा (epidermal) कोशिकाओं के पतली दीवार वाले पतले विस्तार होते हैं जो अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को काफी बढ़ा देते हैं।
$\Rightarrow$ जल को खनिज विलेय के साथ मूलरोम द्वारा केवल विसरण (diffusion) की प्रक्रिया द्वारा अवशोषित किया जाता है।
$\Rightarrow$ एक बार जब मूलरोम द्वारा जल अवशोषित हो जाता है,तो यह दो अलग-अलग मार्गों द्वारा जड़ की गहरी परतों में जा सकता है:
$(1)$ एपोप्लास्ट (Apoplast) मार्ग
$(2)$ सिमप्लास्ट (Symplast) मार्ग
$\Rightarrow$ एपोप्लास्ट मार्ग: एपोप्लास्ट आसन्न कोशिका भित्तियों की वह प्रणाली है जो पूरे पौधे में निरंतर होती है,सिवाय जड़ों में अंतस्त्वचा (endodermis) की कैस्पेरियन पट्टियों के।
$\Rightarrow$ जल की एपोप्लास्टिक गति विशेष रूप से अंतरकोशिकीय स्थानों और कोशिकाओं की दीवारों के माध्यम से होती है। इसमें कोशिका झिल्ली को पार करना शामिल नहीं है और यह प्रवणता (gradient) पर निर्भर है। यह जल की गति में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करता है और जल की गति जल के आसंजक (adhesive) और संसंजक (cohesive) गुणों के कारण सामूहिक प्रवाह (mass flow) के माध्यम से होती है।
$\Rightarrow$ सिमप्लास्ट मार्ग: सिमप्लास्टिक प्रणाली परस्पर जुड़े हुए जीवद्रव्य (protoplasts) की प्रणाली है। पड़ोसी कोशिकाएं कोशिकाद्रव्यी तंतुओं के माध्यम से जुड़ी होती हैं जो प्लाज्मोडेस्मेटा (plasmodesmata) से होकर गुजरते हैं।
$\Rightarrow$ जल को कोशिका झिल्ली के माध्यम से कोशिकाओं में प्रवेश करना पड़ता है,इसलिए गति अपेक्षाकृत धीमी होती है और यह विभव प्रवणता (potential gradient) की दिशा में होती है। सिमप्लास्टिक गति में कोशिकाद्रव्यी प्रवाह (cytoplasmic streaming) द्वारा सहायता मिल सकती है।