(N/A) प्रकाश-श्वसन एक व्यर्थ प्रक्रिया है जो तब होती है जब $RuBisCO$ एंजाइम $CO_2$ के बजाय $O_2$ के साथ जुड़ जाता है।
$C_4$ पौधों में 'क्रान्ज़' (Kranz) शारीरिक संरचना होती है,जो प्रारंभिक $CO_2$ स्थिरीकरण और केल्विन चक्र को अलग-अलग कोशिकाओं (पर्णमध्योतक और बंडल शीथ कोशिकाओं) में विभाजित करती है।
$C_4$ पौधों में,$CO_2$ का प्रारंभिक स्थिरीकरण पर्णमध्योतक कोशिकाओं में होकर एक $4C$ यौगिक (ऑक्सालोएसीटेट) बनता है,जिसे बाद में बंडल शीथ कोशिकाओं में स्थानांतरित किया जाता है।
बंडल शीथ कोशिकाओं में,यह $4C$ यौगिक टूटकर $RuBisCO$ एंजाइम के चारों ओर $CO_2$ की उच्च सांद्रता उत्पन्न करता है।
$CO_2$ की यह उच्च सांद्रता यह सुनिश्चित करती है कि $RuBisCO$ मुख्य रूप से कार्बोक्सिलेज के रूप में कार्य करे न कि ऑक्सीजनेज के रूप में,जिससे प्रकाश-श्वसन प्रभावी रूप से रुक जाता है।