(N/A) बेंजीन वलय में हाइड्रोजन परमाणु का एसाइल समूह $(-COR)$ द्वारा प्रतिस्थापन बेंजीन का एसाइलेशन कहलाता है। इन अभिक्रियाओं को फ्रीडल-क्राफ्ट्स एसाइलेशन के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के लिए,बेंजीन से एसीटोफिनोन का निर्माण नीचे दिया गया है:
$C_6H_6 + CH_3COCl \xrightarrow{\text{निर्जल } AlCl_3, \Delta, \ 353K} C_6H_5COCH_3 + HCl$
$C_6H_6 + (CH_3CO)_2O \xrightarrow{\text{निर्जल } AlCl_3} C_6H_5COCH_3 + CH_3COOH$
यह अभिक्रिया तीन चरणों में होती है:
$(i)$ इलेक्ट्रोफाइल $CH_3CO^+$ का निर्माण:
$CH_3-CO-Cl + AlCl_3 \rightarrow CH_3-C^+O + AlCl_4^-$
$(ii)$ इलेक्ट्रोफाइल $CH_3CO^+$ बेंजीन वलय पर आक्रमण करके एक कार्बोनियम आयन मध्यवर्ती (एरेनियम आयन) बनाता है।
$(iii)$ कार्बोनियम आयन मध्यवर्ती से प्रोटॉन का निष्कासन वलय की एरोमैटिकता को पुनर्स्थापित करता है और एसीटोफिनोन बनता है।