(N/A) अर्धचालकों को तात्विक और यौगिक अर्धचालकों में वर्गीकृत किया गया है।
$(i)$ तात्विक अर्धचालक: ये एक ही तत्व से बने होते हैं। उदाहरण: $Si$ और $Ge$।
$(ii)$ यौगिक अर्धचालक: ये दो या दो से अधिक तत्वों के संयोजन से बनते हैं। इन्हें आगे इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है:
$(A)$ अकार्बनिक: उदाहरणों में $CdS$,$GaAs$,$CdSe$ और $InP$ शामिल हैं।
$(B)$ कार्बनिक: उदाहरणों में एंथ्रासीन और डोप्ड थैलोसाइनिन शामिल हैं।
$(C)$ कार्बनिक पॉलिमर: उदाहरणों में पॉलीपाइरोल,पॉलीनिलिन और पॉलीथियोफीन शामिल हैं।
वर्तमान में उपलब्ध अधिकांश अर्धचालक उपकरण तात्विक अर्धचालकों ($Si$ या $Ge$) और अकार्बनिक यौगिक अर्धचालकों पर आधारित हैं। $1990$ के बाद,कार्बनिक अर्धचालकों और अर्धचालक पॉलिमर का उपयोग करने वाले उपकरण विकसित किए गए हैं,जो पॉलिमर इलेक्ट्रॉनिक्स और मॉलिक्यूलर इलेक्ट्रॉनिक्स की भविष्यवादी तकनीक के जन्म का संकेत देते हैं।