(N/A) वृद्धि की अवधि को सामान्यतः तीन चरणों में विभाजित किया जाता है: विभज्योतकी (meristematic),दीर्घीकरण (elongation),और परिपक्वन (maturation)।
$1$. विभज्योतकी चरण: मूल और प्ररोह के शीर्षस्थ भागों में कोशिकाएं निरंतर विभाजित होती रहती हैं। ये कोशिकाएं जीवद्रव्य से समृद्ध होती हैं और इनमें बड़े,स्पष्ट केंद्रक होते हैं। इनकी कोशिका भित्ति प्राथमिक,पतली और सेलुलोसिक होती है,जिसमें प्रचुर मात्रा में जीवद्रव्य तंतु (plasmodesmata) होते हैं।
$2$. दीर्घीकरण चरण: विभज्योतकी क्षेत्र के समीप की कोशिकाएं दीर्घीकरण का चरण दर्शाती हैं। यह चरण रसधानीकरण में वृद्धि,कोशिका के आकार में वृद्धि और नई कोशिका भित्ति के जमाव द्वारा पहचाना जाता है।
$3$. परिपक्वन चरण: शीर्ष से दूर,कोशिकाएं भित्ति की मोटाई और जीवद्रव्य के संशोधनों के संदर्भ में अपने अधिकतम आकार तक पहुँच जाती हैं। यह परिपक्वन चरण है,जहाँ कोशिकाएं विशिष्ट कार्य करने के लिए विभेदित हो जाती हैं।