(N/A) बेयर परीक्षण (असंतृप्ति के लिए परीक्षण):
$KMnO_4$ (पोटेशियम परमैंगनेट) एक बैंगनी रंग का विलयन है। जब एल्कीन ठंडे,तनु क्षारीय $KMnO_4$ विलयन के साथ अभिक्रिया करते हैं,तो बैंगनी रंग गायब हो जाता है और विसिनल डायोल बनता है। इस प्रक्रिया को हाइड्रॉक्सिलेशन कहा जाता है।
उदाहरण: $CH_2=CH_2 + H_2O + [O] \xrightarrow{dil. KMnO_4, 273K} CH_2(OH)-CH_2(OH)$ (एथेन$-1,2-$डायोल)।
$(b)$ प्रबल ऑक्सीकरण कारकों के साथ ऑक्सीकरण:
जब एल्कीन को उच्च तापमान पर अम्लीय $KMnO_4$ या $K_2Cr_2O_7$ जैसे प्रबल ऑक्सीकरण कारकों के साथ उपचारित किया जाता है,तो एल्कीन की संरचना के आधार पर द्वि-आबंध टूटकर कीटोन या कार्बोक्सिलिक अम्ल बनते हैं।
उदाहरण: $CH_3-CH=CH-CH_3 \xrightarrow{KMnO_4/H^+} 2CH_3COOH$ (एथेनोइक अम्ल)।