(N/A) गैसों का सूक्ष्म मॉडल गैसों के गतिज आणविक सिद्धांत (Kinetic Molecular Theory) की अभिधारणाओं पर आधारित है:
$1$. $\text{कण}$ $\text{बिंदु}$ $\text{द्रव्यमान}$ $\text{के}$ $\text{रूप}$ $\text{में}$: गैसें बड़ी संख्या में समान कणों (परमाणुओं या अणुओं) से बनी होती हैं जो इतने छोटे और एक-दूसरे से इतने दूर होते हैं कि उनके बीच के खाली स्थान की तुलना में अणुओं का वास्तविक आयतन नगण्य होता है। यह गैसों की उच्च संपीड्यता (compressibility) को समझाता है।
$2$. $\text{अंतर}-\text{आणविक}$ $\text{बलों}$ $\text{का}$ $\text{अभाव}$: सामान्य तापमान और दबाव पर गैस कणों के बीच कोई आकर्षण बल नहीं होता है। यह बताता है कि गैसें उपलब्ध सभी स्थानों को घेरने के लिए क्यों फैलती हैं।
$3$. $\text{निरंतर}$ $\text{यादृच्छिक}$ $\text{गति}$: गैस के कण निरंतर,यादृच्छिक और सीधी रेखा में गति करते हैं। यदि वे स्थिर होते,तो गैस का आकार निश्चित होता,जो कि नहीं देखा जाता है।
$4$. $\text{दबाव}$: गैस के कण एक-दूसरे के साथ और कंटेनर की दीवारों के साथ टकराते हैं। गैस द्वारा लगाया गया दबाव कंटेनर की दीवारों के साथ इन टक्करों का परिणाम है।
$5$. $\text{प्रत्यास्थ}$ $\text{टक्करें}$: गैस अणुओं के बीच की टक्करें पूरी तरह से प्रत्यास्थ होती हैं। हालांकि टक्कर के दौरान व्यक्तिगत ऊर्जा बदल सकती है,लेकिन एक निश्चित तापमान पर प्रणाली की कुल गतिज ऊर्जा स्थिर रहती है।
$6$. $\text{गति}$ $\text{का}$ $\text{वितरण}$: किसी भी दिए गए तापमान पर,हालांकि टक्करों के कारण व्यक्तिगत कणों की गति अलग-अलग होती है और लगातार बदलती रहती है,लेकिन गति का समग्र वितरण स्थिर रहता है।