(N/A) अष्टफलकीय संकुलों में ज्यामितीय समावयवता केंद्रीय धातु आयन के चारों ओर लिगेंड्स की विभिन्न संभावित व्यवस्थाओं के कारण उत्पन्न होती है।
$(i)$ $[MX_4L_2]^{n \pm}$ प्रकार के संकुल:
ये संकुल सिस (cis) और ट्रांस (trans) समावयवी प्रदर्शित करते हैं। सिस-समावयवी में,दो $L$ लिगेंड एक-दूसरे के निकट होते हैं,जबकि ट्रांस-समावयवी में,वे एक-दूसरे के विपरीत ($180$° पर) होते हैं।
उदाहरण: $[Co(NH_3)_4Cl_2]^+$.
$(ii)$ $[MX_3L_3]$ प्रकार के संकुल:
ये संकुल फेशियल $(fac)$ और मेरिडियोनल $(mer)$ समावयवता प्रदर्शित करते हैं।
- फेशियल $(fac)$ समावयवी: जब तीन समान लिगेंड अष्टफलक के त्रिकोणीय फलक के कोनों पर स्थित होते हैं।
- मेरिडियोनल $(mer)$ समावयवी: जब तीन समान लिगेंड अष्टफलक की मध्यरेखा (meridian) के चारों ओर स्थित होते हैं।
उदाहरण: $[Co(NH_3)_3(NO_2)_3]$.
$(iii)$ $[MX_2(LL)_2]^{n \pm}$ प्रकार के संकुल:
ये संकुल भी सिस और ट्रांस समावयवता प्रदर्शित करते हैं,जहाँ $LL$ एक द्विदंतुक लिगेंड और $X$ एक एकदंतुक लिगेंड को दर्शाता है।