(N/A) एक कार्बनिक अणु में इलेक्ट्रॉन विस्थापन या तो किसी परमाणु या प्रतिस्थापी समूह के प्रभाव में मूल अवस्था में हो सकता है या किसी उपयुक्त आक्रमणकारी अभिकर्मक की उपस्थिति में हो सकता है।
$(i)$ अणु में उपस्थित किसी परमाणु या प्रतिस्थापी समूह के प्रभाव के कारण होने वाला इलेक्ट्रॉन विस्थापन बंध का स्थायी ध्रुवीकरण करता है। प्रेरणिक प्रभाव (Inductive effect) और अनुनाद प्रभाव (Resonance effects) इस प्रकार के इलेक्ट्रॉन विस्थापन के उदाहरण हैं।
$(ii)$ जब कोई अभिकर्मक किसी अणु पर आक्रमण करने के लिए निकट आता है,तो अणु में अस्थायी इलेक्ट्रॉन विस्थापन प्रभाव देखे जाते हैं। इस प्रकार के इलेक्ट्रॉन विस्थापन को इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव (Electromeric effect) या ध्रुवणता प्रभाव (Polarisability effect) कहा जाता है।