(N/A) $s$-कक्षक $p$-कक्षक की तुलना में नाभिक के अधिक निकट होता है,इसलिए जैसे-जैसे $s$-लक्षण बढ़ता है,विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है। विद्युत ऋणात्मकता का क्रम है: $sp \ C > sp^{2} \ C > sp^{3} \ C$.
इस कारण से,$sp$ संकरित कार्बन बंधित इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर अधिक मजबूती से आकर्षित करता है। परिणामस्वरूप,$sp$ संकरित कार्बन से सीधे जुड़ा हाइड्रोजन परमाणु एल्केन और एल्कीन के हाइड्रोजन की तुलना में अधिक अम्लीय हो जाता है।
अम्लता का क्रम: $HC \equiv CH > H_{2}C=CH_{2} > CH_{3}-CH_{3}$.
केवल टर्मिनल एल्काइन्स में त्रिक बंध वाले कार्बन से जुड़ा हाइड्रोजन अम्लीय होता है। $R-C \equiv C-H$ में,केवल टर्मिनल $H$ अम्लीय है। $R-C \equiv C-R$ में,कोई अम्लीय $H$ उपस्थित नहीं है।
टर्मिनल एल्काइन्स की अम्लीय प्रकृति को दर्शाने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ:
$1$. सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया:
$HC \equiv CH + Na \xrightarrow{475 \ K} HC \equiv C^{-}Na^{+} + \frac{1}{2} H_{2}$
$2$. सोडामाइड $(NaNH_{2})$ के साथ अभिक्रिया:
$HC \equiv CH + NaNH_{2} \xrightarrow{NH_{3}} HC \equiv CNa + NH_{3}$
$3$. अतिरिक्त सोडामाइड के साथ अभिक्रिया:
$HC \equiv CH + 2NaNH_{2} \xrightarrow{NH_{3}} Na^{+}C^{-} \equiv C^{-}Na^{+} + 2NH_{3}$