(N/A) एक यौगिक को एरोमैटिक माना जाता है यदि वह हकल ($H$ückel) के नियम का पालन करता है,जिसके अनुसार अणु को चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित (conjugated) होना चाहिए और उसमें $(4n + 2) \pi$ इलेक्ट्रॉन होने चाहिए,जहाँ $n$ एक पूर्णांक है $(n = 0, 1, 2, ...)$।
$1$. बेंजीन $(C_6H_6)$: यह $p$-ऑर्बिटल्स की एक निरंतर रिंग वाला चक्रीय और समतलीय अणु है। इसमें $3$ द्वि-आबंध (double bonds) होते हैं,जिसके परिणामस्वरूप $6 \pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं। हकल के नियम को लागू करने पर: $4n + 2 = 6$,जिससे $n = 1$ प्राप्त होता है। चूँकि $n$ एक पूर्णांक है,इसलिए बेंजीन एरोमैटिक है।
$2$. नेफ़थलीन $(C_{10}H_8)$: यह दो जुड़ी हुई बेंजीन रिंगों से बना होता है। यह चक्रीय,समतलीय और पूर्णतः संयुग्मित है। इसमें $5$ द्वि-आबंध होते हैं,जिसके परिणामस्वरूप $10 \pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं। हकल के नियम को लागू करने पर: $4n + 2 = 10$,जिससे $4n = 8$ या $n = 2$ प्राप्त होता है। चूँकि $n$ एक पूर्णांक है,इसलिए नेफ़थलीन एरोमैटिक है।