(N/A) हीमोडायलिसिस यूनिट को कृत्रिम वृक्क (artificial kidney) कहा जाता है क्योंकि यह मानव वृक्क (किडनी) के समान ही कार्य करती है,जो रक्त से चयापचय संबंधी अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है।
$1$. वृक्क विफलता (kidney failure) के रोगियों में,वृक्क रक्त से यूरिया जैसे नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्टों को छानने में असमर्थ होते हैं।
$2$. हीमोडायलिसिस मशीन एक डायलाइजिंग तरल का उपयोग करती है जिसका ऑस्मोटिक दबाव रक्त प्लाज्मा के समान होता है,लेकिन इसमें नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट नहीं होते हैं।
$3$. धमनी से रक्त को डायलाइज़र में पंप किया जाता है,जहाँ यह डायलाइजिंग तरल से घिरी सेलोफेन नलियों से होकर बहता है।
$4$. सांद्रता प्रवणता (concentration gradient) के कारण,नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट रक्त से विसरित होकर डायलाइजिंग तरल में चले जाते हैं।
$5$. शुद्ध रक्त को फिर एक शिरा के माध्यम से शरीर में वापस लौटा दिया जाता है।
चूंकि यह मशीन वृक्क की निस्पंदन (filtration) प्रक्रिया की नकल करती है,इसलिए इसे कृत्रिम वृक्क कहा जाता है।