(N/A) न्यूटन के गति के प्रथम नियम के अनुसार, कोई वस्तु तब तक अपनी विरामावस्था या सीधी रेखा में एकसमान गति की अवस्था में रहती है जब तक कि उस पर कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य न करे।
यदि कोई कार एकसमान (नियत) वेग से चल रही है, तो उसका त्वरण $(a)$ शून्य होता है।
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, किसी वस्तु पर कार्य करने वाला परिणामी बल $(F_{net})$, $F_{net} = m \cdot a$ द्वारा दिया जाता है।
चूंकि वेग नियत है, इसलिए त्वरण $a = 0$ है। अतः, $F_{net} = m \cdot 0 = 0$ होगा।
इसका अर्थ यह है कि कार पर कार्य करने वाले सभी बाहरी बलों का सदिश योग (जैसे इंजन द्वारा लगाया गया बल, वायु प्रतिरोध और घर्षण बल) शून्य होना चाहिए ताकि कार एकसमान वेग बनाए रख सके।