(N/A) केंचुए का प्रजनन तंत्र उभयलिंगी होता है,जिसका अर्थ है कि नर और मादा दोनों प्रजनन अंग एक ही जीव में मौजूद होते हैं।
$1$. नर प्रजनन तंत्र: इसमें $10$ वें और $11$ वें खंड में वृषण की दो जोड़ियाँ होती हैं। $18$ वें खंड के अधर-पार्श्व भाग पर नर जनन छिद्रों की दो जोड़ियाँ होती हैं। प्रोस्टेट ग्रंथियाँ $17$ वें से $19$ वें खंड में स्थित होती हैं।
$2$. मादा प्रजनन तंत्र: इसमें $12$ वें और $13$ वें खंड के अंतर-खंडीय पट पर अंडाशय की एक जोड़ी जुड़ी होती है। अंडाशय के नीचे डिंबवाहिनी कीप (ओवेरियन फनल) होते हैं,जो डिंबवाहिनी (ओविडक्ट) में खुलते हैं। ये डिंबवाहिनी जुड़कर $14$ वें खंड पर एक एकल मध्य मादा जनन छिद्र के रूप में खुलती हैं।
$3$. शुक्राणुधानी (स्पर्मेथेका): $6$ वें से $9$ वें खंड में शुक्राणुधानी की चार जोड़ियाँ स्थित होती हैं (प्रत्येक खंड में एक जोड़ी)। ये मैथुन के दौरान शुक्राणुओं को प्राप्त करती हैं और उनका भंडारण करती हैं।