(N/A) अग्न्याशयी रस अग्न्याशय द्वारा निर्मित एक महत्वपूर्ण पाचक स्राव है जो ग्रहणी (duodenum) में छोड़ा जाता है। इसमें कई निष्क्रिय एंजाइम, सक्रिय एंजाइम और बाइकार्बोनेट आयन होते हैं।
$1$. निष्क्रिय एंजाइम (जाइमोजीन): इनमें $Trypsinogen$, $Chymotrypsinogen$ और $Procarboxypeptidases$ शामिल हैं। $Trypsinogen$ आंतों के श्लेष्म द्वारा स्रावित $Enterokinase$ द्वारा $Trypsin$ में सक्रिय होता है, जो बाद में अन्य जाइमोजीन को सक्रिय करता है।
$2$. सक्रिय एंजाइम:
- $Pancreatic \text{ } Amylase$: पॉलीसैकराइड्स (स्टार्च) को डाइसैकराइड्स में जल-अपघटित करता है।
- $Pancreatic \text{ } Lipase$: वसा पर कार्य करके उन्हें डाइग्लिसराइड्स और मोनोग्लिसराइड्स में तोड़ता है।
- $Nucleases$: न्यूक्लिक एसिड ($DNA$ और $RNA$) को न्यूक्लियोटाइड्स और न्यूक्लियोसाइड्स में तोड़ते हैं।
$3$. बाइकार्बोनेट आयन: ये अमाशय से आने वाले अम्लीय काइम (chyme) को उदासीन करते हैं और एक क्षारीय $pH$ (लगभग $7.8 - 8.4$) प्रदान करते हैं, जो अग्न्याशयी एंजाइमों की इष्टतम सक्रियता के लिए आवश्यक है।