(N/A) श्वसन का प्रथम चरण ग्लाइकोलाइसिस कहलाता है।
परिभाषा: ग्लाइकोलाइसिस वह प्रक्रिया है जिसमें ग्लूकोज के एक अणु का विघटन होकर पाइरुविक एसिड के दो अणु बनते हैं।
उत्पत्ति: 'ग्लाइकोलाइसिस' शब्द ग्रीक शब्दों 'ग्लाइकोस' (शर्करा) और 'लाइसिस' (विघटन) से बना है।
इतिहास: ग्लाइकोलाइसिस की योजना गुस्ताव एम्बडेन,ओटो मेयरहॉफ और जे. पारनास द्वारा दी गई थी,इसलिए इसे $EMP$ पथ के रूप में जाना जाता है।
स्थान और प्रक्रिया: ग्लाइकोलाइसिस कोशिका के कोशिकाद्रव्य में होता है। इस प्रक्रिया में ग्लूकोज का आंशिक ऑक्सीकरण होकर पाइरुविक एसिड के दो अणु बनते हैं। पौधों में,ग्लूकोज सुक्रोज (प्रकाश संश्लेषण का अंतिम उत्पाद) या संचित कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त होता है।
मुख्य चरण:
$1$. फॉस्फोराइलेशन: हेक्सोकाइनेज एंजाइम की मदद से $ATP$ का उपयोग करके ग्लूकोज और फ्रुक्टोज को $Glucose-6-phosphate$ में बदला जाता है।
$Glucose + ATP \xrightarrow{\text{Hexokinase}} Glucose-6-Phosphate$
$2$. आइसोमेराइजेशन: $Glucose-6-phosphate$ का $Fructose-6-phosphate$ में रूपांतरण होता है।
$3$. दूसरा फॉस्फोराइलेशन: $ATP$ की उपस्थिति में $Fructose-6-phosphate$ को $Fructose-1,6-bisphosphate$ में बदला जाता है।
$4$. विभाजन: $Fructose-1,6-bisphosphate$ का विभाजन होकर दो ट्रायोज फॉस्फेट बनते हैं: $Dihydroxyacetone$ $phosphate$ $(DHAP)$ और $3-phosphoglyceraldehyde$ $(PGAL)$।
$5$. आगे के चरण: दस एंजाइमी प्रतिक्रियाओं की एक श्रृंखला के माध्यम से,ये ट्रायोज फॉस्फेट अंततः पाइरुविक एसिड के दो अणुओं में परिवर्तित हो जाते हैं,जिससे इस प्रक्रिया में $NADH + H^+$ और $ATP$ उत्पन्न होते हैं।