(N/A) 'In situ' संरक्षण,जिसे 'स्व-स्थाने संरक्षण' के रूप में भी जाना जाता है,में प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवासों के भीतर संरक्षित करना शामिल है। इसकी मुख्य विधियाँ निम्नलिखित हैं:
$1$. राष्ट्रीय उद्यान: ये कड़ाई से संरक्षित क्षेत्र हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए चराई,खेती और वानिकी जैसी मानवीय गतिविधियों पर प्रतिबंध है।
$2$. वन्यजीव अभयारण्य: इन क्षेत्रों में सीमित मानवीय गतिविधियों जैसे लकड़ी काटना या लघु वन उत्पादों का संग्रह करने की अनुमति होती है,बशर्ते वे वन्यजीवों के संरक्षण में बाधा न डालें।
$3$. जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves): ये बड़े,बहुउद्देशीय संरक्षित क्षेत्र हैं जिन्हें सतत विकास को बढ़ावा देते हुए जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन्हें तीन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है: कोर ज़ोन (कोई मानवीय गतिविधि नहीं),बफर ज़ोन (सीमित अनुसंधान और शिक्षा),और ट्रांज़िशन ज़ोन (मानव बस्तियाँ और संसाधनों का सतत उपयोग)।
$4$. पवित्र उपवन (Sacred Groves): ये सांस्कृतिक या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर स्थानीय समुदायों द्वारा संरक्षित जंगल के टुकड़े हैं,जो दुर्लभ और खतरे में पड़ी पौधों और जानवरों की प्रजातियों के लिए आश्रय स्थल के रूप में कार्य करते हैं।