(N/A) जन्मजात प्रतिरक्षा: यह एक गैर-विशिष्ट प्रकार की रक्षा प्रणाली है जो जन्म के समय से ही मौजूद होती है। यह भौतिक,शारीरिक,कोशिकीय और साइटोकाइन अवरोधों जैसे विभिन्न अवरोधों के माध्यम से रोगजनकों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है। यह शरीर की रक्षा के लिए हमेशा उपलब्ध रहती है।
उपार्जित प्रतिरक्षा: यह एक रोगजनक-विशिष्ट प्रकार की प्रतिरक्षा है। यह जन्म से मौजूद नहीं होती है,बल्कि किसी व्यक्ति के जीवनकाल के दौरान किसी विशिष्ट रोगजनक के संपर्क में आने या टीकाकरण के माध्यम से विकसित होती है। यह स्मृति (memory) द्वारा अभिलक्षित होती है,जिसका अर्थ है कि शरीर विशिष्ट रोगजनक को याद रखता है ताकि बाद के संपर्क में आने पर तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सके।