(N/A) $1$. समवृत्ति अंग: ये अंग दिखने में समान होते हैं और समान कार्य करते हैं,लेकिन इनका विकास पूरी तरह से अलग समूहों में होता है और ये अपनी मूल संरचना और विकासात्मक उत्पत्ति में पूरी तरह से भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए,तितली (काइटिनयुक्त),पक्षी (पंखयुक्त),टेरोडैक्टाइल और चमगादड़ (त्वचा की तह) के पंख उड़ने का समान कार्य करते हैं,लेकिन उनकी शारीरिक संरचना में काफी अंतर होता है।
$2$. अवशेषी अंग: ये उन संरचनाओं या अंगों के बेकार अवशेष हैं जो पूर्वजों में बड़े और कार्यात्मक रहे होंगे। मनुष्यों में वर्मीफॉर्म अपेंडिक्स,निमेषक पटल (nictitating membrane),कान की मांसपेशियां,कशेरुकियों में अवशेषी पूंछ,अक्ल दाढ़ (wisdom teeth),पुरुषों में स्तन ग्रंथियां और शरीर के बाल इसके कुछ उदाहरण हैं।