(N/A) दूसरे आवर्त के तत्व ($Z=3$ से $10$) और उनकी प्रथम आयनन एन्थैल्पी $(IE_1)$ $kcal \, mol^{-1}$ में इस प्रकार हैं:
$1$. $Li$ $(Z=3)$: $520$
$2$. $Be$ $(Z=4)$: $899$
$3$. $B$ $(Z=5)$: $801$
$4$. $C$ $(Z=6)$: $1086$
$5$. $N$ $(Z=7)$: $1402$
$6$. $O$ $(Z=8)$: $1314$
$7$. $F$ $(Z=9)$: $1681$
$8$. $Ne$ $(Z=10)$: $2080$
सामान्य प्रवृत्ति: जैसे-जैसे हम आवर्त में बाएं से दाएं जाते हैं,परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है,जिससे आयनन एन्थैल्पी में सामान्य वृद्धि होती है।
अपवाद:
- $Be$ $(2s^2)$ की $IE_1$,$B$ $(2s^2 2p^1)$ से अधिक है क्योंकि $2s$ कक्षक पूर्णतः भरा हुआ और अधिक स्थिर है।
- $N$ $(2s^2 2p^3)$ की $IE_1$,$O$ $(2s^2 2p^4)$ से अधिक है क्योंकि $2p$ उपकोष आधा भरा हुआ है,जो अतिरिक्त स्थिरता प्रदान करता है।