(N/A) $\rightarrow$ कॉन्ड्रिक्थीस समुद्री जीव हैं जिनका शरीर धारा-रेखित (streamlined) होता है और अंतःकंकाल उपास्थि (cartilage) का बना होता है।
$\rightarrow$ मुख अधर (ventral) स्थिति में होता है।
$\rightarrow$ पृष्ठरज्जु (notochord) जीवन भर बनी रहती है।
$\rightarrow$ क्लोम दरारें (gill slits) अलग-अलग होती हैं और बिना ऑपरकुलम (क्लोम आवरण) के होती हैं।
$\rightarrow$ त्वचा सख्त होती है, जिसमें सूक्ष्म प्लेकोइड शल्क (placoid scales) होते हैं।
$\rightarrow$ दांत रूपांतरित प्लेकोइड शल्क होते हैं जो पीछे की ओर मुड़े होते हैं।
$\rightarrow$ इनके जबड़े बहुत शक्तिशाली होते हैं।
$\rightarrow$ ये जीव परभक्षी (predaceous) होते हैं।
$\rightarrow$ वायु आशय (air bladder) की अनुपस्थिति के कारण, इन्हें डूबने से बचने के लिए लगातार तैरना पड़ता है।
$\rightarrow$ हृदय दो-कोष्ठीय होता है (एक अलिंद और एक निलय)।
$\rightarrow$ इनमें से कुछ में विद्युत अंग (जैसे, Torpedo) और कुछ में विष दंश (जैसे, Trygon) होते हैं।
$\rightarrow$ ये असमतापी (poikilothermous) जीव हैं, अर्थात, इनमें अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता नहीं होती है।
$\rightarrow$ लिंग अलग-अलग होते हैं।
$\rightarrow$ नर में श्रोणि पंखों (pelvic fins) में क्लैस्पर्स (claspers) होते हैं।
$\rightarrow$ उदाहरण: Scoliodon (डॉग फिश), Pristis (सॉ फिश), Carcharodon (ग्रेट व्हाइट शार्क), Trygon (स्टिंग रे)।